अब इस मन की चौखट पर
बस यादों का आना जाना है।
आ जाओ एक बार तुम
फिर हँसना और गाना है।
जिस रस्ते तुम हमें छोड़ गई
वो राह यादों की खाटी है।
भूली मैं वो खेत कुँए
वो राह यादों की खाटी है।
भूली मैं वो खेत कुँए
याद अब बस माटी है।
आँसू मेरे पूछ रहे है
अब लोरी कौन सुनाएगा।
भूखे ही सो जाउंगी
नींद में कौन खिलायेगा।
अब लोरी कौन सुनाएगा।
भूखे ही सो जाउंगी
नींद में कौन खिलायेगा।
क्यों मुझसे तुम रूठी इतना
एक बार तो मुड़के देखा होता।
ना जाने देती मैं तुझको
ज़िद तेरे संग जाना होता।
एक बार तो मुड़के देखा होता।
ना जाने देती मैं तुझको
ज़िद तेरे संग जाना होता।
देखो नैना बह रहे है
धुल रही हर आशा है।
आज दिल के हर कोने में
फैली एक निराशा है।
धुल रही हर आशा है।
आज दिल के हर कोने में
फैली एक निराशा है।
Written by:-
AAKANKSHA MISHRA
AAKANKSHA MISHRA

Awesome
ReplyDeleteThank you ..
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